Posts

Showing posts from May, 2017

सबसे बुरा है भूख से तडपकर मर जाना (4/4/16)

Image
-आलोक कुमार इक्कीसवीं सदी के दूसरे दशक के उतरार्द्ध में भारत की राजनीति का बखान करते हुए बडे दंभ से कहा जाता है कि हम जाति-धर्म के विषाद से उबार गए हैं। सेटलाइट युग में प्रवेश कर गए हैं। ब्रह्मांड को भेदते हुए चंद्रयान-2 भेजने वाले हैं। सबसे सस्ती लागत में उपग्रह प्रक्षेपित कर रहे हैं, अब जनता समझदार हो गई है। विकास की राजनीति होने लगी है। अब मुकम्मल विकास का खाका पेश किए बिना कोई चुनाव जीत नहीं सकता। वितर्कों के साथ इस विकास की दुदुंभि जोर से बजाई जा रही है कि हम दुनिया में सबसे ज्यादा दूध का उत्पादन करते हैं। सर्वाधिक अन्न उत्पादित करने वाले देशों में शामिल हैं। मगर इस शोर में खाली पेट भूखे मरने वालों की चीत्कार कम नहीं हो रही। पेट में अन्न का दाना नहीं पहुंचने की वजह से तड़पकर मर रहे इंसान की दरिद्रता उसके जाति धर्म या कुल पूछकर नहीं आ रही बल्कि भूख की तड़प कथित विकास के क्रूर संसाधनों के असमान वितरण की जीती जागती मिसाल है। दलित दलदल के बहस में फंसाकर भूख के मुद्दे से भटका देने वाले रोहित बेमुला की आत्महत्या हो या हिंसक संप्रदायिक सोच की वजह से हुई अखलाक की नृशंस हत्या हो...

फिसलकर चीन चला जाएगा नेपाल (5/8/16)

फिसलकर चीन जा रहा है नेपाल आलोक कुमार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दो साल के शासन में जो सबसे ज्यादा अधोगति का शिकार हुआ है वह पडोसी देश नेपाल के साथ हमारा रिश्ता है। नेपाल शासन तंत्र में बैठे नेताओं से कटुता की वजह से साझा संस्कृति का देश नेपाल तेजी से सरककर प्रतिद्वंदी पड़ोसी देश चीन के पाले में होता चला जा रहा है। हम बेबस होकर टकटकी लगाए देख रहे हैं। बस बहाना है कि नेपाल घोर वामपंथ के दुराग्रही राजनीति का शिकार बन रहा है। वहां के माओवादी व मार्क्सवादी नेताओं को भारत के बजाय चीन से रिश्ते सुधारने में सहज महसूस कर रहे हैं। भारत के लिए ब्रिटिश राज के खिलाफ आजादी के आंदोलन में सक्रिय नेपाली कांग्रेस के नेता हाशिए पर हैं, इसलिए भारत की बात नेपाली सत्ता प्रतिष्ठान में सुनी नहीं जा रही है। यह तो बहाना है और इस बहाने को दूर करते हुए तत्काल ठोस पहल की जरूरत है। कहीं न कहीं राजनयिक संबंध को दुरूस्त करने के प्रयासों में हमारी कोई कमी है। वरना ऐसी कोई वजह नहीं होनी चाहिए थी 2014 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के काठमांडू के बानेश्वर स्थित नेपाली संसद सभा में उठी “मोदी-मोदी” के नारों की गूंज...

नवाज के वश में नहीं है जिया के अवैध संतानों से जूझ पाना(10/10/16)

नवाज के आंतकवादियों पर रोक लगाने के निर्देश से पाक सेना की बढ़ी बेचैनी आलोक कुमार नई दिल्ली। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में भारतीय सेना की सर्जिकल स्ट्राइक के बाद से प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी इज्जत बचाने की कवायद तेज करनी पड़ रही है। इसके लिए उन्होंने पाकिस्तान सेना के अधिकारियों को आतंकवाद के जरिए भारत के खिलाफ परोक्ष युद्ध जारी रखने मुश्किल का जिक्र किया है। इससे पाकिस्तान की अंदरुनी राजनीति में तेजी से बदलाव आ रहा है। पाकिस्तान सेना बैकफुट पर आ गई है। पाकिस्तान सेना प्रमुख राहिल शरीफ नवंबर में सेवानिवृत हो रहे हैं। सर्जिकल स्ट्राइक से पहले पनामा पेपर लीक के बाद भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने पाकिस्तान सेना के आगे लगभग सरेंडर कर दिया था। सैन्य बगावत की आशंका में उन्होंने ज्यादातर वक्त लाहौर में बिताना शुरु कर रखा था लेकिन सर्जिकल स्ट्राइक की आलोचना ने पाकिस्तान के लिए राजनीतिक जरुरत को महत्वपूर्ण बना दिया है। माना जा रहा है कि इस महत्व को बरकरार रखने के लिए प्रधानमंत्री नवाज शरीफ पाकिस्तान को आतंकवाद के खिलाफ खड़ा करने के पुरा...

संध्या को लेकर बिरादरी में गिरने लगी है नेताजी की साख

यादवों में गिरने लगी है सपा सुप्रीमो की साख (10/22/16) आलोक कुमार नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी में जारी पारिवारिक कलह से अब सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव की जातिगत (यादव) समर्थक नेताओं के बीच भी साख गिरने लगी है । बात 77 साल के बुजुर्ग मुलायम सिंह यादव की पत्नी साधना गुप्ता के यादव कुल से नहीं होने की वजह और सुप्रीमो के दबाव में आकर लिए हालिया फैसलों के प्रचारित होने की वजह से बिगड़ने लगी है। मुलायम सिंह के मजबूत समर्थक औऱ गेस्ट हाउस कांड के अहम् किरदार रहे राज्यसभा के एक सांसद ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि सिर्फ समर्थक और मतदाता ही नहीं बल्कि समान जाति के हम नेतागण भी “नेताजी” के व्यवहार से परेशान हैं। सुप्रीमो से खफा होकर यादव समुदाय में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के प्रति अचानक से सहानुभूति बढ़ने लगी है। ऐसी हालत में पार्टी में किसी विभाजन की स्थिति में सीधा फायदा सौम्य छवि पेश करने में सफल रहे युवा अखिलेश यादव को मिलने वाला है। समाजवादी पार्टी के जातिगत सांसद व विधायकों में नाराजगी इस कदर बढ़ी है कि अलग पार्टी बनने की नौबत में सपा सुप्रीमो के ज्यादातर पुराने सिपहसलार मुख्यमंत्री अखिलेश ...

कुनबे की लड़ाई के केंद्र में हैं अमर सिंह (10/24/16)

कुनबे की लड़ाई के केंद्र में हैं अमर सिंह आलोक कुमार नई दिल्ली। अमर सिंह फिर चर्चा में हैं। इस बार “अंकल” से भतीजा नाराज है, तो सुप्रीमो मुलायम सिंह कह रहे हैं कि अमर सिंह “मेरा भाई” है। ऐसे में अमर सिंह को लेकर छिड़ी लड़ाई का अंत आपसी मिलन से होता नजर नहीं आ रहा है। हालात साफ है कि या तो सपा सुप्रीमो अमर सिंह को भाई न मानें और 2010 की तरह जयप्रदा के साथ “दूध की मक्खी” समझकर निकाल फेंके। या फिर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव आत्मसमर्पण की मुद्रा अख्तियार कर लें और मुख्तार अंसारी समेत अमर सिंह को असली “अंकल” मान लें। दोनों ही बात होती नजर नहीं आती। इसलिए कह रहे हैं कि सपा के परिवारवाद को अमर सिंह को जिसकी नजर लग गई है। मिसालें हैं कि अमर सिंह की जिस किसी को नजर लगी है उसका अंतत हश्र यही होता है। मिसाल के तौर पर अंबानी परिवार के दो भाईयों के विखराव की कहानी है, तो सहारा के अंतकाल का करीब आने की दुहाई। अमिताभ बच्चन के परिवार में छाई अशांति को “अथ अमर कथा” से जोड़कर सुनाया जाता है। राज्यसभा सांसद अमर सिंह को लेकर ताजा मिसाल यादव कुनबे की कुटील लड़ाई बनी है। समाजवादी पार्टी में बिखराव के करीब...

प्रतीक यादव के जैविक पिता नहीं हैं नेताजी

सीबीआई ने स्टेट्स रिपोर्ट में चंद्र प्रकाश गुप्त को माना है प्रतीक यादव का पिता (10/25/16) आलोक कुमार नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के प्रति अपनाए जा रहे सौतेले व्यवहार के आरोपों के बीच सीबीआई दस्तावेजों से चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। दस्तावेज बताते हैं कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के सौतेले भाई प्रतीक यादव के जैविक पिता मुलायम सिंह यादव है ही नहीं। सीबीआई ने सपा सुप्रीमो के खिलाफ आय से ज्यादा संपति के मामले में सुप्रीम कोर्ट में दायर स्टेट्स रिपोर्ट में बताया है कि अखिलेश यादव के सौतेले भाई प्रतीक यादव का जन्म उस समय हुआ था जब साधना गुप्ता के पति चंद्रप्रकाश गुप्ता हुआ करते थे। इसी दशहरा में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने पिता मुलायम सिंह का घर छोड़कर नया घर बसा लिया है। सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के साथ उनकी दूसरी पत्नी साधना गुप्ता और प्रतीक यादव सपत्निक रहते हैं। प्रतीक की पत्नी अपर्णा बिष्ट यादव हैं। जिन्हें समाजवादी पार्टी ने लखनऊ सेंट्रल सीट से विधानसभा का प्रत्याशी घोषित कर रखा है। सीबीआई की स्ट्टेस रिपोर्ट में बताया गया है कि साधना गुप्ता ...

अनुराग ठाकुर को बीसीसीआई अध्यक्ष पद से हटाया जाए : लोढ़ा पैनल

सुप्रीम कोर्ट से मिली कड़ी फटकार, कहा, भगवान की तरह व्यवहार न करे बीसीसीआई (9/28/16) आलोक कुमार नई दिल्ली। बीसीसीआई में प्रशासनिक सुधार के लिए बनी लोढ़ा कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट में बीसीसीआई अध्यक्ष अनुराग ठाकुर समेत आला अधिकारियों को हटाने की मांग की है। अनुराग ठाकुर की अध्यक्षता वाली बीसीसीआई पर इल्जाम है कि वह लोढा पैनल की सिफारिशों को नकार रहा है। इस रवैए पर सुप्रीम कोर्ट के खंडपीठ ने बीसीसीआई के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है, ‘आप (बीसीसीआई) भगवान की तरह व्यवहार कर रहे हो। आदेश का पालन करो, वर्ना हम तुम्हें आदेश का पालन करवायेंगे। ’ पीठ के न्यायमूर्तियों का कहना रहा , ‘बीसीसीआई निर्देशों का पालन नहीं कर व्यवस्था की बदनामी कर रहा है।’ न्यायमूर्ति आर एम लोढा पैनल के पैनल ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में अपनी रिपोर्ट सौंपी। रिपोर्ट में कहा गया है कि बीसीसीआई क्रिकेट में सुधारों के लिए उसकी सिफारिशों को लागू नहीं कर रहा है। कमेटी ने इस पर तुरंत सुनवाई करने की गुजारिश की है। पैनल ने कहा कि बीसीसीआई खुद को कानून से ऊपर समझता है और वो हमारी सिफारिशों को सिरे से नकार रहा है। इस पर सुप...

गरीब की जोरु बन गया पाकिस्तान (9/29/16)

आलोक कुमार नई दिल्ली। यूं तो पाकिस्तान के अंदर ड्रोन हमला आम है। अमेरिका पश्चिमी वजीरिस्तान के इलाके में जब तब ड्रोन से हमले कर दुर्दांत आतंकियों को ठिकाने लगाने का काम करता रहा है। अमेरिकी नेवी सील का मई 2011 में एट्टाबाबाद ऑपरेशन तो एतिहासिक था। जिसमें दुनिया के आतंकी नंबर वन ओसामा बिन लादेन को छिपाकर रखने वाले पाकिस्तान को मुंह दिखाने लायक नहीं छोड़ा था। तब बुरी तरह फंसे पाकिस्तान ने अपनी संप्रभुता पर हमले को दांत निपोड़कर बेशर्मी से स्वीकार कर लिया था। लेकिन तब करते वक्त उसे कतई उम्मीद नहीं थी कि पाकिस्तान के जीवन में 29 सितंबर 2016 की तारीख भी आने वाली है। जब भारतीय सेना के सौ कमांडो उसके अधिकार वाले कश्मीर में काल बनकर आएंगे। उसके घर में घुसकर चालीस से ज्यादा लश्करे तोइबा के आतंकवादियों को मौत के घाट उतार जाएंगे। और इसपर वह बेबस होकर कहने को मजबूर हो जाएगा कि भारत ने कोई सर्जिकल ऑपरेशन किया ही नहीं है। यह भारतीय कमांडो ऑपरेशन की खूबी रही कि उसने अमेरिकी नेवी सील की तर्ज पर पीओके ऑपरेशन की वीडियो रिकॉर्डिंग कर रखी है। इसमें एलओसी से पाकिस्तान की जमीन पर लेटकर दो किलोमीटर अंदर तक...

टीपू का बुझता शौर्य

“टीपू“ जो शौर्य दिखाए बिना अब शायद ही सुल्तान बन पाए (8 अगस्त 2016 को यूपी घटनाक्रम पर लिखा लेख) आलोक कुमार नई दिल्ली। मुलायम सिंह यादव का मुख्तार समाजवाद सामने है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के न-न के बावजूद बाहुबली मुख्तार अंसारी के कौमी एकता दल का समाजवादी पार्टी में विलय कर लिया गया। बात इतने भर तक होती तो बात ठीक थी लेकिन परिवार में मचा घमासान कहां विराम लेगा उसका अंदाज लगाना दिग्गज सियासी पंडितों के लिए मुश्किल हो रहा है। मुख्यमंत्री को पार्टी मामलों में दरकिनार करने का रुख समाजवादी पार्टी में बड़े विखराव की ओर संकेत कर रहा है लेकिन समाजवादी सुप्रीमो को मौजूदा दौरा का सबसे कुशाग्र नेता मानने वाले चमत्कार भरे उलट फेर की उम्मीद बांधे बैठे हैं। मैसूर के यशस्वी शासक टीपू सुल्तान के शौर्य का समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो मुलायम सिंह पर खास असर रहा। यही वजह रही कि बेटे अखिलेश की पुकार का नाम “टीपू” रखा गया। सीएम अखिलेश यादव को चाचा शिवपाल व रामगोपाल जैसे दिग्गज टीपू के नाम से ही जानते और पुकारते हैं। नाम के अनुरूप “टीपू” यशस्वी तो हुए और भारत के सबसे बड़े सूबे मुख्यमंत्री तक बन बैठे । ल...