अनुराग ठाकुर को बीसीसीआई अध्यक्ष पद से हटाया जाए : लोढ़ा पैनल
सुप्रीम कोर्ट से मिली कड़ी फटकार, कहा, भगवान की तरह व्यवहार न करे बीसीसीआई
(9/28/16)
आलोक कुमार
नई दिल्ली। बीसीसीआई में प्रशासनिक सुधार के लिए बनी लोढ़ा कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट में बीसीसीआई अध्यक्ष अनुराग ठाकुर समेत आला अधिकारियों को हटाने की मांग की है। अनुराग ठाकुर की अध्यक्षता वाली बीसीसीआई पर इल्जाम है कि वह लोढा पैनल की सिफारिशों को नकार रहा है। इस रवैए पर सुप्रीम कोर्ट के खंडपीठ ने बीसीसीआई के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है, ‘आप (बीसीसीआई) भगवान की तरह व्यवहार कर रहे हो। आदेश का पालन करो, वर्ना हम तुम्हें आदेश का पालन करवायेंगे। ’ पीठ के न्यायमूर्तियों का कहना रहा , ‘बीसीसीआई निर्देशों का पालन नहीं कर व्यवस्था की बदनामी कर रहा है।’
न्यायमूर्ति आर एम लोढा पैनल के पैनल ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में अपनी रिपोर्ट सौंपी। रिपोर्ट में कहा गया है कि बीसीसीआई क्रिकेट में सुधारों के लिए उसकी सिफारिशों को लागू नहीं कर रहा है। कमेटी ने इस पर तुरंत सुनवाई करने की गुजारिश की है। पैनल ने कहा कि बीसीसीआई खुद को कानून से ऊपर समझता है और वो हमारी सिफारिशों को सिरे से नकार रहा है। इस पर सुप्रीम कोर्ट के खंडपीठ ने कड़ी प्रतिक्रिया जताई है।
प्रधान न्यायधीश टी एस ठाकुर की अध्यक्षता वाली खंडपीठ मामले की सुनवाई कर रही है। उन्होंने प्रस्तुतियों का संज्ञान लेते हुए कहा कि ये गंभीर आरोप हैं और बीसीसीआई को अदालत के निर्देशों का पालन करना होगा। न्यायधीश ए एम खानविलकर और डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने कहा, ‘अगर बीसीसीआई को लगता है कि वे खुद को इनसे उपर समझते हैं तो वे गलत हैं। उन्हें अदालत के निर्देशों का पालन करना होगा। ’ बीसीसीआई की तरफ से उपस्थित वरिष्ठ वकील अरविंद दातर ने कहा कि बीसीसीआई ने अधिकतर निर्देशों का पालन किया है और धीरे धीरे बाकी का पालन भी करेंगे। अब सुप्रीम कोर्ट ने लोढ़ा पैनल की रिपोर्ट पर कार्रवाई की जानकारी देने के लिए बोर्ड को 6 अक्टूबर तक का समय दिया गया है।
लोढा पैनल ने सुप्रीम कोर्ट में अपनी स्थिति रिपोर्ट में क्रिकेट प्रशासकों से क्रिकेट संस्था के आला अधिकारियों को बदलने की मांग की थी। उसने कहा कि बीसीसीआई और उसके अधिकारी निर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं और बार बार बयान जारी कर अदालत के और लोढा पैनल के सदस्यों के अधिकार को कमतर आंक रहे हैं जिसने बीसीसीआई में ढांचागत सुधारों की सिफारिश की थी।
लोढा पैनल के वकील ने कहा कि बीसीसीआई ईमेल और उन्हें भेजे गये अन्य संवादों का जवाब नहीं दे रहा है तथा लगातार अदालत के आदेश का निरादर कर रहा है।
इस पर पीठ ने कहा, ‘कानून की अवज्ञा नहीं करनी चाहिए। जैसे चीजें घट रही हैं, उससे हम खुश नहीं हैं। हमें बीसीसीआई से इस रवैये की उम्मीद थी लेकिन ऐसा नहीं होना चाहिए। आपको अदालत के निर्देशों का पालन करना होगा। ’ क्रिकेट एसोसिएशन आफ बिहार ने भी शीर्ष अदालत का रूख किया और कहा कि अदालत के समक्ष लंबित समीक्षा याचिका को तत्काल रूप से लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बीसीसीआई द्वारा दायर की गयी समीक्षा याचिका की रजिस्ट्री में अब भी दोष है और वे इसे सुनवाई के लिये नहीं रख रहे हैं। पीठ ने इसकी सुनवाई के लिये छह अक्तूबर का समय दिया।
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