प्रतीक यादव के जैविक पिता नहीं हैं नेताजी
सीबीआई ने स्टेट्स रिपोर्ट में चंद्र प्रकाश गुप्त को माना है प्रतीक यादव का पिता (10/25/16)
आलोक कुमार
नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के प्रति अपनाए जा रहे सौतेले व्यवहार के आरोपों के बीच सीबीआई दस्तावेजों से चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। दस्तावेज बताते हैं कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के सौतेले भाई प्रतीक यादव के जैविक पिता मुलायम सिंह यादव है ही नहीं। सीबीआई ने सपा सुप्रीमो के खिलाफ आय से ज्यादा संपति के मामले में सुप्रीम कोर्ट में दायर स्टेट्स रिपोर्ट में बताया है कि अखिलेश यादव के सौतेले भाई प्रतीक यादव का जन्म उस समय हुआ था जब साधना गुप्ता के पति चंद्रप्रकाश गुप्ता हुआ करते थे।
इसी दशहरा में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने पिता मुलायम सिंह का घर छोड़कर नया घर बसा लिया है। सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के साथ उनकी दूसरी पत्नी साधना गुप्ता और प्रतीक यादव सपत्निक रहते हैं। प्रतीक की पत्नी अपर्णा बिष्ट यादव हैं। जिन्हें समाजवादी पार्टी ने लखनऊ सेंट्रल सीट से विधानसभा का प्रत्याशी घोषित कर रखा है।
सीबीआई की स्ट्टेस रिपोर्ट में बताया गया है कि साधना गुप्ता और चंद्र प्रकाश गुप्ता की शादी 4 जुलाई 1986 को हई थी। अगले साल 7 जुलाई 1987 को प्रतीक का जन्म हुआ था। संभवत इन्हें बाद में “यादव” कुलनाम दिया गया। स्टेट्स रिपोर्ट में जिक्र है कि शादी के चार साल बाद 1990 में साधना गुप्ता का चंद्र प्रकाश गुप्ता से औपचारिक तलाक हो गया। सीबीआई ने मुलायम सिंह के खिलाफ जो स्टेट्स रिपोर्ट दाखिल की है, उसमें साधना गुप्ता के बारे ये जानकारी दर्ज है। मामले के याचिकाकर्ता विश्वनाथ चतुर्वेदी के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट में यह मामला फिलहाल बंद नहीं हुआ है क्योंकि सीबीआई की ओर से कोई क्लोजर रिपोर्ट दायर नहीं की गई है। मतलब सुप्रीम कोर्ट में सपा सुप्रीमो के आय से ज्यादा मामले की सुनवाई किसी भी वक्त शुरू की जा सकती है।
प्रतीक यादव की मौजूदगी से जुड़ी यह सच्चाई समाजवादी पार्टी के यादुवंशी समर्थकों को परेशान कर रहा है। जिनकी मान्यता है कि प्रतीक यादव के लिए ही सपा सुप्रीमो की पत्नी साधना गुप्ता अपना हित साधने में लगी है। सीबीआई को प्रतीक यादव के एक रिकॉर्ड से पता चला है कि उन्होंने 1994 में अपने घर का पता में मुलायम सिंह के अधिकारिक आवास के तौर पर जिक्र किया है। सीबीआई की स्टेट्स रिपोर्ट के मुताबिक साल 2000 में प्रतीक के अभिभावक के तौर पर मुलायम सिंह का नाम दर्ज हुआ है। उसके बाद मुलायम सिंह की पहली पत्नी मालती देवी, जो अखिलेश यादव की मां थीं, के निधन के बाद मुलायम सिंह ने 23 मई 2003 को साधना गुप्ता से शादी करके उन्हें अपनी पत्नी का दर्जा दिया।
दुनिया को साधना गुप्ता के बारे में आधिकारिक तौर पर साल 2007 में तब खबर लगी जब मुलायम सिंह ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि साधना गुप्ता उनकी पत्नी हैं। सैफई परिवार में साधना गुप्ता की एंट्री अखिलेश की मां के मौत के बाद हुई। कहा जाता है कि तब शिवपाल यादव और अमर सिंह ने उन्हें उनका पारिवारिक हक दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी।
अखिलेश समर्थक एमएलसी उदयवीर सिंह का आरोप है कि साधना गुप्ता सार्वजनिक जीवन में सामने तो नहीं आती हैं लेकिन वो पर्दे के पीछे रहकर अपने सौतेले बेटे अखिलेश यादव के खिलाफ षड्यंत्र रचती हैं। साधना गुप्ता पर आरोप ये भी लग रहा है कि वो अपने बेटे प्रतीक यादव को सीएम बनाने के लिए सैफई वंश में महाभारत करा रही हैं। हालांकि खुद प्रतीक यादव सक्रिय राजनीति से दूर रहकर रियल एस्टेट का कारोबार करते हैं।
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