पत्रकारिता की मर्सिया पाठ और पंकज पर पुण्य का ब्रजपात
प्रख्यात पत्रकार स्वर्गीय पंडित उदयन शर्मा के 63 वें जन्मदिन पर शानदार संवाद का सिलसिला जारी रहा। उदयन शर्मा फाउंडेशन की यह दसवीं संवाद गोष्ठी थी । मौजूं विषय था -भ्रष्टाचार का मुद्दा और मीडिया की भूमिका । संवाद की शुरूआत भ्रष्टाचार के मुद्दा से ज्यादा मीडिया की दयनीय हालात को बयां करने से हुई । संपादक और प्रधान संपादकों की टोली में से एक के बाद एक वक्ताओं ने भ्रष्टाचार या भ्रष्ट व्यवस्था पर प्रहार के बजाय मीडिया के भ्रष्टाचार के दलदल में फंसने की दुहाई दी । रोना रोया। इससे बने उलट माहौल को देखकर कई बार लगा कि यह चाटुकारिता की इंतहां है । मुख्य अतिथि सूचना व प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी मंच पर मौजूद थी । और सब के सब बदहाल व्यवस्था पर पत्रकारीय रोशनी डालने के बजाय मीमियाते नजर आ रहे थे। बाद में बोलने आए एक गैर पत्रकार यानी मुख्य चुनाव आयुक्त एस वाई कुरैशी ने सभा में हीनभावना से ग्रसित हो रहे पत्रकारों को संबल देने का काम किया । कुरैशी मीडिया के योगदान पर कह गए कि चुनाव आयोग की तरफ से तैनात चार लाख कैमरे जो धांधली की तस्वीर कैद नहीं कर पातीं, मीडिया के चंद हजार कैमरे में वह कैद हो जाती है...